हिमाचल मेें सर्द होने लगी रातें

केलांग का न्यूनतम पारा लुढ़ककर सात डिग्री से नीचे आया

शिमला – हिमाचल प्रदेश में रातें सर्द होने लगी हैं। न्यूनतम तापमान में  गिरावट आने के बाद राज्य में रात के समय ठंड का एहसास होने लगा है। तापमान मे गिरावट आने से राज्य के केलांग, कल्पा, मनाली  व कुफरी में ठंड का प्र्रकोप बढ़ गया है। केलांग का पारा लुढ़ककर सात डिग्री से नीचे आ गया है। मौसम विभाग की मानें तो राज्य में आगामी दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। राज्य में गुरुवार को मौसम के मिजाज बदले नजर आए। मैदानी इलाकों सहित मध्यम ऊचांईर् वाले क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बारिश हुई है। राज्य में बीते 24 घटों के  दौरान भी मानसून सामान्य  रिकार्ड किया गया। कांगड़ा जिला के एक-दो स्थानों पर बारिश रिकार्ड की गई है। गुरुवार को धर्मशाला में सबसे अधिक 76 मिलीमीटर बारिश हुई है। इसके अलावा  नादौैन में 43, गगल  में 39, सरकाघाट में 32, अंब में 14 और मंडी में  छह मिलीमीटर बारिश हुई है। बारिश के चलते न्यूनतम तापमान में फिर से गिरावट आई है। न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है। तापमान में गिरावट आने के बाद पहाड़ों पर सुबह व शाम के समय ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। राज्य में न्यूनतम तापमान के साथ अधिकतम तापमान में भी एक से तीन डिग्री तक की गिरावट दर्र्ज की गई है। चंबा के अधिकतम तापमान में सबसे ज्यादा तीन डिग्री की गिरावट आईर् है। इसके अलावा धर्मशाला, नादौैन, कांगड़ा व हमीरपुर के अधिकतम  तापमान में दो डिग्री की गिरावट आंकी गई है। अधिकतम तापमान में गिरावट आने से राज्य केऊंचाई वाले क्षेत्रों में दिन के समय भी ठंड का एहसास हुआ है।

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‘1100’ पर दो दिन में पांच हजार शिकायतें

शिमला – प्रदेश की जयराम सरकार ने जन समस्याओं का निपटारा करने के लिए सत्ता में आते ही जनमंच कार्यक्रम को आगाज किया और अब मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन शुरू की। हालांकि जनमंच जारी है, लेकिन मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन जनता की शिकायतों का निपटारा करने के लिए दूसरा विकल्प बन चुकी है। जानकारी के मुताबिक मात्र दो दिन के भीतर प्रदेश के विभिन्न जिलों से पांच हजार शिकायतें पहुंची। हेल्पलाइन नंबर 1100 पर डायल कर लोग अपने क्षेत्रों सहित व्यक्तिगत शिकायतें इन नंबर के माध्यम से दर्ज करवा रहे हैं। बताया गया कि अब तक सबसे अधिक बिजली, पानी और सड़कों से संबंधित शिकायतें आ रही हैं, जिसे संबंधित विभागों को प्रेषित किया जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन शुरू होने के बाद लोग पेपरलैस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। पहले लोग जन शिकायतों का निपटारा करवाने के लिए संबंधित विभागों में कागज पर लिखित रूप में पहुंचाते रहे, मगर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की इस नई सेवा से लोग घर बैठे शिकायतों को सरकार तक पहुंचा रहे हैं। राज्य सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने अन्य तीन राज्यों उत्तराखंड, मध्य प्रदेश तथा उत्तर प्रदेश में चल रही हेल्पलाइन की श्रेष्ठ तकनीक अपनाई है। राज्य के लोग अब फोन के माध्यम से घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करवा रहे हैं। अपनी शिकायतों के निवारण की प्रगति को ऑनलाइन भी देख सकते हैं। बताया गया कि 56 विभागों को जियो मैपिंग और जियो टैगिंग द्वारा इस हेल्पलाइन से जोड़ा गया हैं। इससे सरकारी कार्यों की प्रक्रिया पेपरलैस हो जाएगी और लोगों को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार के सभी मंत्री और विधायक इस सेवा का प्रचार करेंगे। मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन 1100 नंबर पर सुबह सात से शाम 10 बजे तक डायल कर सकते हैं। जानकारी के मुताबिक दो दिनों के भीतर सुबह आठ बजे ही पानी और बिजली से परेशान लोग शिकायतें कर रहे हैं। वहीं प्रदेश सरकार ने पिछले दिनों विधानसभा में पारित लोकसेवा गारंटी एक्ट लाग कर दिया है। इसके तहत अब 16 सरकारी विभागों में 187 सेवाएं ऑनलाइन तय समय पर लोगों को दी जाएंगी। हालांकि लोकसेवा गारंटी एक्ट-2011 शुरू हुए इतना समय हो चुका है, लेकिन विधानसभा में विधेयक इस बार पास हुआ। अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार चरागाहों को आज्ञा अथवा स्वीकृति 24 घंटों में प्रदान करना, जन्म-मृत्यु तथा विवाह पंजीकरण की सुविधा दो दिन के भीतर, बीपीएल प्रमाणपत्र 24 घंटे के अंदर, वरिष्ठ नागरिक को पहचान पत्र तीन दिनों में, पेयजल कनेक्शन घरेलू इत्यादि कुछ ऐसी सुविधाएं हैं, जो नागरिकों को प्रदान की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त सरकार ने ई-पंजीकरण पोर्टल शुरू किया है।

निपटारा न करने वालों पर कार्रवाई

शिकायतों का निपटारा समय तक न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस संदर्भ में 16 सितंबर को प्रदेश के सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डा. रामलाल मार्कंडेय सख्त हिदायत भी दे चुके हैं। हेल्पलाइन प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा अधिकारियों तथा कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

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अब पहाड़ों से भी उतरने लगा सेब

शिमला – हिमाचल प्रदेश में मौजूदा सेब सीजन का आंकड़ा दो करोड़ सेब बॉक्स तक पहुंच गया है। अब राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों से भी सेब सीजन का आगाज हो गया है। इससे सेब के दामों में भी हल्का उछाल आया है। दामों में उछाल आने से बागबानों ने राहत की सांस ली है। वहीं, बुधवार तक राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से एक करोड़ 97 लाख सेब बॉक्स मार्केट में पहुंचे थे। गुरुवार को तीन लाख से अधिक सेब बॉक्स मार्केट में पहुंचने की सूचना है। इससे मौजूदा सेब सीजन में उत्पादन का आंकड़ा दो करोेड़ तक पहुंच गया है। बागबानी विभाग द्वारा राज्य में मौजूदा सेब सीजन के दौरान चार करोड़ सेब बॉक्स के उत्पादन का अनुमान लगाया गया था। मौजूदा समय में राज्य के मध्यम ऊंचाई  वाले क्षेत्रों में सेब सीजन प्रगति पर है। इसके अलावा राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तो सेब सीजन का आगाज  ही हुआ है। ऐसे में उत्पादन का आंकड़ा अनुमानित आंकडे़ तक पहुंचने की सभावना जताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि राज्य में मौजूदा समय में मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों मे सेब सीजन चरम पर चला हुआ है। राज्य के इन क्षेत्रों से फल मंडियों में रोजाना सेब की दो से तीन लाख सेब बॉक्स पहुंच रहे हैं। राज्य में मानसून के कमजोर पड़ते ही  बागवानों ने सेब तुड़ान कार्य को गति प्रदान कर दी है। अब राज्य के ऊंचाईर् वाले क्षेत्रों से सेब पहुंचना शुरू हो गया है। राज्य में अभी तक किन्नौर व लाहुल स्पीति में सेब तुड़ान कार्य आरंभ होना बाकी है। राज्य के इन क्षेत्रों से जल्द ही सेब मार्केट में उतरने की संभावना जताई जा रही है।

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सीयू की डीपीआर तैयार, काम जल्द

सांसद कपूर ने दिल्ली में एमएचआरडी मंत्री से उठाई मांग

धर्मशाला – सांसद किशन कपूर ने दिल्ली में मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल से मुलाकात कर कांगड़ा में बनने वाले केंद्रीय विश्वविद्यालय के कैंपस निर्माण कार्य के बारे में चर्चा की। कांगड़ा लोकसभा सांसद किशन कपूर ने केंद्रीय विवि के भवन निर्माण की मांग उठाई व इसके शीघ्र निर्माण को लेकर मंत्री से मांग की। उन्होंने बताया की पहले चरण की डीपीआर सीपीडब्यूडी में जमा करवा दी गई है। साथ ही मानव संसाधन मंत्री ने संबंधित अधिकारिओं को निर्देश जारी कर दिए हैं और आश्वासन दिया है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। लंबे समय से अटका हुआ सीयू का काम शीघ्र हो, इसकी आस जग गई है। इससे पहले भाजपा सरकार में मंत्री रहते हुए किशन कपूर ने सबसे पहले सीयू के लिए भूमि अधीग्रहण, फोरेस्ट क्लीयरेंस का काम किया। किशन कपूर ने दिल्ली में पहुंचकर अब केंद्रीय विवि सहित अन्य केंद्रीय प्रोजेक्ट के कार्य जल्द हिमाचल में शुरू करवाने के लिए कार्य शुरू कर दिया है। सांसद किशन कपूर ने कहा कि कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में केंद्र द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं के निर्माण कार्य में तेजी लाने के भरसक प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं को पूरी तरह लागू कर जन-जन तक पहुंचाने का काम हिमाचल में पूरे जोर-शोर से किया जा रहा है। अतः भविष्य में भी राज्य के विकास के लिए केंद्र प्रायोजित योजनाओं को धरातल में उतारने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।

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मजबूत होने लगा वन विकास निगम

शिमला – राज्य वन विकास निगम की आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत हुई है। निगम का घाटा, जो कि वर्ष 2016-17 में 3443 लाख रुपए था, वर्ष 2018 में घटकर 1658 लाख रुपए रह गया है। यह बात वन मंत्री गोविंद ठाकुर ने वन विकास निगम की समीक्षा बैठक में कही। उन्होंने कहा कि नाहन एवं बिलासपुर तारपीन कारखानों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है, जिसके लिए राशि की क्षमता बढ़ाकर 65 लाख रुपए कर दी है। बिरोजा तथा तारपीन की विक्रय दरों का युक्तिकरण कर इस वर्ष 4262 लाख रुपए का बिरोजा एवं तारपीन का तेल बेचा गया है। इन सुधारों के चलते वन निगम ने 2804 लाख रुपये की रायल्टी अदा की है, जो वर्ष 2017 की तुलना में 2300 लाख रुपए अधिक है। वन निगम ने 214 पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 805 लाख रुपए का लीव इन कैशमेंट, 196 सेवानिवृत कर्मचारियों को 3334 लाख रुपए की ग्रैच्युटी, 1700 कर्मचारियों को तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता जारी कर दिया है। इसके अतिरिक्त कर्मचारियों का 600 लाख अंतरिम राहत प्रदान की है। नाहन की रोसिन और तारपीन फैक्टरी में नियुक्त कोलमैन और फायरमैन की प्रोत्साहन राशि 25 से बढ़ाकर 50 रुपए प्रतिदिन की है। निगम में कर्मियों की कमी को ध्यान में रखते हुए चार सेवानिवृत्त अधिकारियों को निगम के कार्य के लिए नियुक्त किया जाएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन) राम सुभग सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार वन निगम के टर्नओवर को बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा 15 लिपिकों, 50 वन रक्षकों, दो ब्लॉयलर संचालक, दो आरा संचालक और एक विद्युत कर्मचारी को सीधी भर्ती से नियुक्त किया जाएगा। हिमाचल राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के उपाध्यक्ष सूरत नेगी, हिमाचल सरकार के विशेष सचिव वित्त एवं निदेशक डीडी शर्मा, निदेशक केएस ठाकुर, हिमपाल सिंह राणा, विनय कुमार, राम कुमार, देवेंद्र सिंह, नरेश चंद, प्रबंध निदेशक बीडी सुयाल व अन्य गणमान्य भी बैठक के दौरान उपस्थित रहे।

गैर किफायती लकड़ी भी इस्तेमाल होगी

वन मंत्री ने बताया कि सरकार ने गिरे व सूखे पेड़ों के लिए जुलाई 2018 में एक नई नीति बनाई। इसके तहत अधिसूचना जारी की, जिसमें स्पष्ट किया गया कि गैर किफायती समझे जाने वाले हजारों पेड़ों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा, बल्कि दोहन कर इसका उपयोग टीडी, सरकारी भवनों, चिडि़याघरों व वन

निगम की फर्नीचर वर्कशॉप में किया जाएगा।

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गोदामों पर तीसरी आंख की नज़र

खाद्य आपूर्ति विभाग ने कसी कमर, सीसीटीवी कैमरे लगाए

शिमला  – प्रदेश के सभी गोदामों पर अब तीसरी अांख की नज़र रहेगी। प्रदेश सरकार के निर्देशों के तहत खाद्य आपूर्ति विभाग ने सभी खाद्य गोदामों में सीसीटीवी कैमरा लगा दिए हैं। इससे खाद्य आबंटन की प्रणाली पर सीधी नजर रखी जा रही है। इसमें लगभग 70 फीसदी गोदामों को हाईटेक किया जा रहा है। कैमरे लगाने से गोदामों की सुरक्षा भी काफी हद तक पक्की हो गई है। जानकारी के मुताबिक अब सिविल सप्लाई की दवा दुकानों पर भी सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है, जिसमें कुछ दुकानों पर कैमरे लगा भी दिए गए हैं। जानकारी के मुताबिक अभी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को जांचने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा प्रदेश में छापामारी अभियान चल रहा है। इसमें अभी शिमला, कांगड़ा व मंडी के गोदामों सहित विभिन्न डिपो में जांच की जा रही है। अभी शिमला के डिपुआें में छापामारी की जा रही है। इस दौरान गेहूं व चावल के सैंपल भी भरे गए हैं। बताया जा रहा है कि विभाग को गेंहू, चावल और आटे को लेकर आ रही शिकायतों पर विभाग ने कदम उठाते हुए शिमला शहर के गोदामों पर छापे मारे हैं। इसके अतिरिक्त रामपुर, ठियोग, चिढ़गांव और रोहडू के डिपुओं से चावल, गेंहू और आटे के सैंपल की जांच भी की जा चुकी है। सूचना है कि पिछले कुछ दिन पहले शिमला शहर के उपभोक्ताओं ने शिकायत की थी कि एक डिपो में काले व फंगस लगे हुए चावल मिले थे।

रिपोर्ट नेगेटिव आई तो होगी कार्रवाई

विभाग का कहना है कि शिमला से उठाए गए चावल के सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आती है, तो जिस कंपनी द्वारा चावल की सप्लाई भेजी जा रही है, उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने जिला के सभी डिपोधारकों को निर्देश जारी किए हैं कि वे उपभोक्ताओं को सही गुणवत्ता वाला राशन ही वितरित करें।

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सिरमौर के शिल्ला में लगेगा मिनी सीमेंट प्लांट

प्रदेश सरकार के साथ स्थानीय कंपनी ने साइन किया एमओयू, चार खनन पट्टों की डिमांड

शिमला – सिरमौर जिला की शिल्ला पंचायत में एक मिनी सीमेंट प्लांट लगाने की योजना है। इसके लिए शिरगुल सीमेंट इंडस्ट्री ने प्रस्ताव सरकार को दिया है और बाकायदा एक एमओयू भी हस्ताक्षरित किया है। यह एक  स्थानीय सीमेंट इंडस्ट्री है, जो यहां पर निवेश करना चाहती है। उनके द्वारा सरकार को दिए गए प्रस्ताव के अनुसार यह मिनी सीमेंट प्लांट 200 टन प्रतिदिन क्षमता का होगा, जिस पर 16 करोड़ का निवेश किया जाएगा। दो साल बाद 650 टन के प्लांट विस्तार के बाद 200 करोड़ अतिरिक्त के निवेश का प्रस्ताव है। इस संबंध में चार पंचायतों का प्रतिनिधिमंडल खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष बलदेव तोमर की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला। इसमें ग्राम पंचायत शिल्ला से बलबीर चौहान, सुमेर चंद चौहान, कल्याण सिंह चौहान, ग्राम पंचायत टटीयाना से उपप्रधान रघुवीर सिंह व जोगी राम, कुलदीप व ग्राम पंचायत बोकाला पाब से कठीराम, आत्मा राम, ग्राम पंचायत कमरऊ से दीउडू राम, मदन सिंह, समेत कंपनी शिरगुल सीमेंट इंडस्ट्री के संचालक आत्मा राम शर्मा ने मुख्यमंत्री से भेंट की। सीमेंट प्लांट चलाने के लिए सरकार से चार खनन पट्टों की स्वीकृति मांगी है। चार खनन पट्टों की स्वीकृति के लिए पंचायतों का प्रस्ताव भी प्रार्थना पत्र सहित दिया गया है। आत्मा राम शर्मा ने बताया कि प्लांट के लगने से यहां पर 117 लोगों को रोजगार मिलेगा तथा दो साल बाद दो हजार लोगों को रोजगार हासिल हो सकेगा। उन्होंने सरकार से हिमाचली निवेशकों को अधिमान देने की मांग उठाई है। सरकार इस स्थानीय कंपनी की मदद करे तो यहां पर बड़ा निवेश हो सकता है, वहीं बड़ा रोजगार भी आने वाले समय में मिल पाएगा। सरकार सीमेंट कंपनियों को भी यहां प्रोत्साहित कर रही है। सिरमौर जिला में सीमेंट उत्पादन की खासी संभावना है, जिसके लिए कंपनी ने सरकार से खनन पट्टे स्वीकृत करने की मांग की है।

न्यूनतम वेतन दस हजार प्रतिमाह

शिल्ला में लगने वाले सीमेंट प्लांट में 90 फीसदी हिमाचली होंगे। प्लांट लगने से स्थानीय लोगों को घर के नजदीक रोजगार उपलब्ध हो सकेगा, जिसमें कंपनी न्यूनतम 10 हजार रुपए का वेतन प्रतिमाह देगी। शेष रोजगार  योग्यता के अनुसार दिया जाएगा।

 

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शिक्षा विभाग नहीं अपना रहा साथी ऐप

शिक्षा प्रधान सचिव ने लगाई फटकार, सभी को ऐप यूज करने के दिए निर्देश

शिमला – प्रदेश भर में सरकार शिक्षा पर नजर रखने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा बनाई गई खुद की ऐप का ही इस्तेमाल विभाग नहीं कर पा रहा है। शिक्षा प्रधान सचिव ने इस लापरवाही के लिए शिक्षा विभाग को फटकार भी लगाई है। हैरानी है कि दो माह पहले मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग ने ही इस ऐप को लॉन्च करवाया था, वहीं अब खुद ही इसका इस्तेमाल न करने पर शिक्षा विभाग सवालिया घेरों में आ गया है। दरअसल गुरुवार को सचिवालय में सभी निदेशकों के साथ प्रधान सचिव की अध्यक्षता में बैठक हुई। इस बैठक में हाली में शिक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए लॉन्च की गई तीनों ऐप की प्रोग्रेस रिपोर्ट शिक्षा अधिकारियों से ली गई। बता दें कि जिलों में शिक्षा विभाग के जांच अधिकारियों ने इस ऐप को डाउनलोड ही नहीं किया है। हालांकि कई बीईईओं ने इस ऐप का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। प्रधान सचिव केके पंत ने शिक्षा विभाग को हिदायत दी है कि एक माह बाद इसकी रिपोर्ट तैयार की जाए कि शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर बनाई गई इस ऐप का इस्तेमाल कितनी बार हो पाया है। उल्लेखनीय है कि शिक्षा साथी ऐप एसएसए ने खुद स्कूलों में शिक्षा पर नजर रखने के लिए बनाई है। इस ऐप के माध्यम से शिक्षा विभाग के इन्सपेक्शन टीम ने विभाग को स्कूलों पर अपडेट भेजनी थी। इस ऐप में अभी तक शिक्षा विभाग के तीन हजार अधिकारियों को जोड़ा गया है। ये अधिकारी राज्य के पंद्रह हजार स्कूलों में निरीक्षण पर जा रहे हैं या नहीं इस पर रखी जाएगी। इसके अलावा ऐप के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि हर वर्ष राज्य के प्रत्येक विद्यालय का न्यूनतम दो बार दौरा हुआ है या नहीं। शिक्षा साथी ऐप ऑफ लाइन मोड़ में भी काम करती है, ताकि दूरदराज के क्षेत्रों को भी कवर किया जा सके । बताया जा रहा है कि टीचर ऐप के माध्यम से शिक्षकों की रिफ्रेशर ट्रेनिंग शुरू की गई है।  इसके तहत हर महीने शिक्षकों के साथ कुछ कोर्सेस साझा किए जाते हैं।

एक साल में ऐप से जुड़े 40 हजार टीचर

बता दें कि एक साल में लगभग 40 हजार शिक्षकों को इस ऐप में जोड़ा गया है। इस ऐप की खासियत यह है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी इस ऐप के माध्यम से शिक्षकों तक विभिन्न तरह की वीडियो भेजते हैं। उसके बाद उस वीडियो से जुड़े कई सवाल शिक्षकों से किए जाते हैं। यानी हर माह की दस तारीख को शिक्षकों के साथ कुछ कोर्सिस साझा किए जाते हैं, जिसको उन्हें उस महीने में पूरा करना होता है।

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अरुणाचल प्रदेश में नदी में गिरा शिलाई का जवान

शिलाई  – अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी दे रहे शिलाई क्षेत्र के शंखोली गांव के सैनिक भरत सिंह पुत्र कुंदन सिंह के पुल से फिसल कर नदी में गिरने की सूचना मिली है। हालांकि  अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि जवान सुरक्षित है या नहीं। सेना के अधिकारियों ने परिजनों को फोन पर यह सूचना दी है। इसके बाद से परिजन सेना के अधीकरियों ओर जिला प्रशासन से संपर्क साधने में लगे हुए हैं, लेकिन अभी तक लापता सैनिक के बारे में काई खबर नहीं मिल पाई है। सैनिक के पिता कुंदन सिंह का कहना है कि उन्हें सेना के एक अधिकारी का फोन आया कि भरत सिंह का पुल से पांव फिसला और वह नदी में गिर गया। सेना के सर्च ऑपरेशन में अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है। अरुणाचल प्रदेश में हो रही तेज बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं।  इससे परिजनों की चिंताएं बढ़़ गई हैं। एसडीएम शिलाई योगेश चौहान ने बताया कि उन्हें इस संबंध में कोई सूचना नहीं मिली है। परिजनों की सूचना पर वह प्रशासन से संपर्क में हैं। इस संबंध में जैसे ही कोई जानकारी मिलती है, परिजनों को अवगत करवा दिया जाएगा।

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