‘मैं हवा हूं, कहां वतन मेरा’ - Shimla Times

Sunday, February 17, 2013

‘मैं हवा हूं, कहां वतन मेरा’

नाहन — जिला मुख्यालय नाहन में वसंत पंचमी के अवसर पर सरस्वती संगीत कला केंद्र द्वारा एक संगीत संध्या का आयोजन किया गया। इस संगीत संध्या में प्रदूषण बोर्ड के पूर्व चेयरमैन कंवर अजय बहादुर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। संगीत संध्या में धर्मदत्त सहगल जैसे प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा उपस्थित श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया गया। मुख्यातिथि कंवर अजय बहादुर ने सरस्वती कला केंद्र के संयोजक धर्मदत्त सहगल का धन्यवाद किया तथा उनके द्वारा किए गए आयोजन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पहले जिला में वसंत पंचमी तथा होली के अवसर पर संगीत के अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे, जिसमें देश के नामी कलाकार भाग लेते थे। अजय बहादुर ने कहा कि अब शहर में संगीत कला का मानों नाम ही मिट गया है। उच्च स्तरीय संगीत कार्यक्रम इस शहर में न के बराबर होते हैं। उन्होंने कहा कि धर्मदत्त सहगल द्वारा इस दिशा में उचित प्रयास किए जा रहे हैं। इस संगीत संध्या का आगाज केंद्र के संयोजक धर्मदत्त सहगल द्वारा राग वसंत एवं राग बहार द्वारा किया गया। विदुषी ने भी अपनी गजलों दुनिया जिसे कहते हैं जादू का खिलौना द्वारा दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। उसके बाद शोभा ने मैं हवा हूं कहां वतन मेरा गजल सुनाई, जिसकी दर्शकों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की। अंत में नाहन कालेज के संगीत के प्रो. डा. देवराज शर्मा ने उसने लूटा हम लुटे हैं गजल पेश की। इस संगीत संध्या में डा. सुरेश जोशी, विजय शर्मा, फ्रांस से आई महिला और सीमा शर्मा ने भी संगीत प्रस्तुत किए। इस अवसर पर विजय ठाकुर, प्रिंसीपल उमेश बहुगुणा, सुरेश जोशी, बलवंती, रामकुमार सैणी, सीमा शर्मा व शोभा आदि उपस्थित थी।






source: DivyaHimachal

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