प्रदेश में100 नई माइनिंग साइट - Shimla Times

Saturday, June 15, 2019

प्रदेश में100 नई माइनिंग साइट

सरकार ने 50 करोड़ और कमाने की बनाई योजना

शिमला  —हिमाचल में 100 नई माइनिंग साइट्स को चिन्हित किया गया है। ये साइट्स प्रदेश के 10 जिलों में हैं। जनजातीय क्षेत्र लाहुल-स्पीति व किन्नौर को इससे बाहर रखा गया है क्योंकि वहां पर जनजातीय क्षेत्र के कानून आड़े आ रहे हैं। इन कानूनों को लेकर पंचायतों की कुछ आपत्तियां हैं, जिसके चलते वहां पर अभी कानूनी तरीके से खनन साइट्स को नीलाम नहीं किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार उद्योग विभाग द्वारा 10 जिलों में चिन्हित की गई नई साइट्स से  50 करोड़ रुपए की कमाई का लक्ष्य रखा गया है। विभाग को उम्मीद है कि इनकी नीलामी से सरकारी खजाने को 50 करोड़ रुपए हासिल हो सकेंगे।  इससे पहले उद्योग विभाग कानूनी तरीके से 150 खनन साइट्स को आबंटित कर चुका है। करीब 6 जिलों में खनन का काम कानूनी तरीके से आबंटित किया जा चुका है। अभी फोरेस्ट कंजरवेशन एक्ट को लेकर अधिकांश जगहों पर दिक्कतें हैं मगर फिर भी जिन लोगों ने खनिज पट्टे लिए हैं, उन्होंने काम शुरू कर दिया है। ऐसे में यहां पर अवैध रूप से होने वाले खनन के कार्य को लगभग रोक दिया गया है। उद्योग विभाग की योजना के अनुसार उसे 100 नई साइट्स से करीब 50 करोड़ की आमदनी होगी, पहले जो 150 साइट्स दी गई है, उससे 140 करोड़ रुपए के आसपास की कमाई हो चुकी है। विभाग ने सालाना लक्ष्य 300 करोड़ रुपए कमाने का रखा है ।  वहीं, एफसीए के फंसे मामलों को लेकर भी विभाग अपनी ओर से जल्द अनुमतियां दिलाने के लिए प्रयासरत है। मामला, केंद्रीय मंत्रालय से जुड़ा है, लिहाजा इसे प्रदेश सरकार ने भी अपने स्तर पर उठाया है। अभी कुछ जिलों में एफसीए में फंसी साइट्स को आबंटित भी नहीं किया जा सका है। पूरे प्रदेश में उद्योग विभाग ने इसके लिए सर्वेक्षण करवाया है। साइट्स के आबंटन को अब तारीख तय की जा रही है, जिसके अनुसार   नीलामी होगी।

 

The post प्रदेश में100 नई माइनिंग साइट appeared first on Divya Himachal: No. 1 in Himachal news - News - Hindi news - Himachal news - latest Himachal news.


Courtsey: Divya Himachal
Read full story: https://www.divyahimachal.com/2019/06/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82100-%e0%a4%a8%e0%a4%88-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%87/

No comments:

Post a Comment