अधिकारियों-कर्मचरियों से पूछताछ - Shimla Times

Wednesday, August 14, 2019

अधिकारियों-कर्मचरियों से पूछताछ

वेलफेयर स्कीम में घोटाला, ‘दिव्य हिमाचल’ में मुद्दा उठने के बाद खुली घोटाले की परतें

शिमला  – आखिरकार सामाजिक योजनाआें के आबंटन में डेढ़ करोड़ की गड़बड़ी पर शिकंजा कस ही दिया गया है। मामले में जोगिंद्रनगर में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। सूचना है कि इसमें संबंधित अधिकारियों और कर्मचरियों से पूछताछ की जा रही है। गौर हो कि ‘दिव्य हिमाचल’ में प्रकाश में लाए घोटाले की परतें खोलने के बाद एफआईआर की गई है, जिसकी सूचना पुलिस से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशालय क ो सौंप दी गई है। गौर हो कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक ने एफआईआर के लिए मंडी को लिखा था, जिसमें जिला कल्याण अधिकारी मंडी की शिकायत पर जोगिंद्रनगर पुलिस ने मामला दर्ज किया गया और अब जिला मंडी में सामाजिक स्कीमस को लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। गौर हो कि ‘दिव्य हिमाचल’ द्वारा 20 नवंबर, 2018 के अंक में प्राइवेट खाते से जारी हुआ सरकार का पैसा शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी, जिसके बाद प्रदेश सरक ार ने सीएम के गृह जिला में हुई इस गड़बड़ी को लेकर विभागीय ऑडिट के आदेश दिए थे, जिसमें लगभग डेढ़ करोड़ का घपला सामने आया है। केस पर गौर करें तो सबसे पहले अंतरजातीय विवाह योजना में गड़बड़ी सामने आई थी।

बैंक से निकलते रहे पैसे

अब देखना यह है कि इस घपले में कौन-कौन शामिल थे। ऐसा इसलिए, क्योंकि बैंक से लगभग एक करोड़ का कई वर्षों से कैश कैसे निकलता रहा? यही नहीं, बल्कि इतने वर्षों से कितने लोगों को सामाजिक योजना का पैसा मिलता रहा? कितने लोगों को कितने वर्षों में योजना में राशि आबंटन हो पाई है? सवाल ये उठ रहे हैं कि लगभग पांच से छह वर्षों से यह घपला होता रहा और किसी को खबर क्यों न हो पाई, जिसमें विभाग को भी कोई सूचना नहीं मिल पाई।

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Courtsey: Divya Himachal
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