हिमाचल में अब ऑनलाइन हो सकेगी लैंड रिकाॅर्ड की रजिस्ट्रेशन, मुख्यमंत्री ने किया सुविधा का आगाज

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने आज यहां डिजिटल इंडिया लैड रिकाॅर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज पंजीकरण प्रणाली का शुभारंभ किया। लैंड रिकाॅर्ड के आॅनलाइन पंजीकरण का यह कार्यक्रम प्रायोगिक आधार पर सर्वप्रथम शिमला (शहरी) और शिमला जिला की कुमारसेन तहसील में शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रक्रिया से राज्य में शीघ्र पंजीकरण के साथ ऑनलाइन मूल्यांकन और भुगतान की सुविधा शुरू होगी। इस पायलेट प्रोजेक्ट की सफलता के उपरांत इसे पूरे प्रदेश में शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों को ऑनलाइन पंजीकरण, स्टाम्प ड्यूटी और ई-मेल अलर्ट की सुविधा प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने कहा कि इसके द्वारा राजस्व रिकाॅर्डों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ रोकने में भी सहायता मिलेगी। यह प्रणाली भूमि मालिकों के हित में राजस्व रिकाॅर्ड के प्रभावी रखरखाव में सहायक सिद्ध होगी।

परियोजना को लागू करने वाला देश का 7वां राज्य बना हिमाचल 
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि भूमि से जुड़े विवादों को प्रभावी तरीके से निपटाने और राजस्व सम्बन्धी मुकदमों में कमी लाने में भी यह प्रणाली मील पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि नकली स्टाम्प पेपर को रोकने के लिए एनजीडीआरएस सहायक सिद्ध होगी। पंजीकृत दस्तावेज की प्रतिलिपि स्कैनिंग तकनीक के द्वारा सुरक्षित रखी जाएगी और डाउनलोड किए गए दस्तावेज को अधिकृत उपयोगकर्ता द्वारा प्रमाणित प्रतिलिपि उत्पन्न कर देखा जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि भूमि मालिकों और खरीददारों को आॅनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क का भुगतान करने की भी सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश इस परियोजना को लागू करने वाला देश का 7वां राज्य है।
पहली कम्प्यूट्रीकृत भूमि पंजीकरण की प्रति इन दोनों को की प्रदान
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि हम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘‘वन नेशन वन साॅफ्टवेयर’’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़े हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पहली कम्प्यूट्रीकृत भूमि पंजीकरण की प्रति भूमि मालिक राकेश कुमार और मीना को प्रदान की। इलेक्ट्राॅनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी (भारत सरकार) के सचिव श्री अजय प्रकाश सावहनी ने नई दिल्ली से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि एनजीडीआरएस एक यूनिफाॅर्म साॅफ्टवेयर है, जिसका उपयोग उपभोक्ताओं के लाभ के लिए पूरे देश में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिलाॅक की सुविधा भी प्रदान की जा रही है ताकि उपभोक्ता अपने जरूरी दस्तावेजों को इसमें सुरक्षित रख सकें।




courtesy: CMO Himachal http://www.cmohimachal.com/2019/09/blog-post_12.html

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